pb8 live news : विधायक रमन अरोड़ा ने पैसे कमाने के लिए अपनी एक पूरी टीम फील्ड में उतार रखी थी। उनका काम यही था कि अगर जालंधर के सैंट्रल हलके का कोई व्यक्ति कहीं भी दो नंबर का काम करता है तो उसकी कुंडली निकाल कर विधायक को देना था, ऐसा ही काम शेखां बाजार पतंगों वाले भाइयों के साथ हुआ। जैसे ही विधायक रमन अरोड़ा को पता लगा तो उन्होंने बसंत के नजदीक उनके गोदाम और दुकानों पर रेड करवा कर दुकान मालिकों को उठवा लिया।
इस दौरान उन्हें बताया गया कि दिल्ली में उनकी एक फैक्टरी हैं, जिसमें चाइना डोर बनती है और यहीं से पूरे देश में सप्लाई होती है। उन्हें चाइना डोर बनाने और सप्लाई करने के आरोपों में गिरफ्तार करके जेल भेजने और कारोबार बर्बाद करने की धमकी दी गई, जिसके बाद तीनों भाइयों ने रमन अरोड़ा को 7-7 लाख रुपए रमन अरोड़ा को देकर अपनी जान छुड़वाई ।
हैरानी की बात है कि चाइना डोर पर पाबंदी होने के बावजूद पैसों के लालच में विधायक रमन अरोड़ा ने जालंधर ही नहीं बल्कि अन्य पंजाब के शहरों में चाइना डोर की बिक्री होने दी। रमन अरोड़ा की शह पर अभी भी उक्त फैक्टरी चल रही है। यही नहीं, रमन अरोड़ा रेहड़ी वालों से भी महीने का 10-10 हजार रुपए वसूलते थे। एक डोसे वाले को प्रति डोसा कमीशन देने की बात कह दी थी, लेकिन बाद में उसके साथ भी प्रति माह फीस तय कर ली गई। रमन अरोड़ा के दफ्तर के बाहर जो भटूरे की रेहड़ी लगती है. उससे भी महीना वसूला जाता था।





