पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने खिलाफ चल रहे जातिगत बयानों के दुष्प्रचार को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि वे गुरु साहिबानों के सिद्धांत “मानस की जात सबे एके पहचानबो” में विश्वास रखते हैं और किसी भी मंच से किसी जाति या समुदाय के खिलाफ बयान नहीं दे सकते।
चन्नी ने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए कहा कि चमकौर साहिब की पवित्र धरती से जुड़ा व्यक्ति कभी समाज को बांटने की सोच नहीं रख सकता। उन्होंने कहा कि संसद में उन्होंने हमेशा पंजाब, किसानों और खेत मजदूरों की आवाज उठाई है।
पंजाब को ‘गुलदस्ता’ बताते हुए चन्नी ने सभी समुदायों के साथ मिलकर चलने की जरूरत पर जोर दिया और भरोसा जताया कि इससे सामाजिक एकता और पार्टी दोनों मजबूत होंगी।





