पंजाब सरकार ने सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए कई अहम राहत घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अस्पताल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में लिए गए मुख्य फैसले:
फसलों का मुआवजा: बाढ़ से खराब हुई फसलों के लिए किसानों को प्रति एकड़ ₹20,000 मुआवजा मिलेगा। यह अब तक किसी राज्य सरकार द्वारा दिया गया सबसे बड़ा मुआवजा है।
मृतकों के परिजनों को सहायता: बाढ़ में जान गंवाने वालों के परिवारों को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
“जिसकी जमीन, उसकी रेत” नीति: किसान अपनी भूमि से रेत/मिट्टी 31 दिसंबर तक निकाल सकते हैं, उसे बेच भी सकते हैं, और इसके लिए किसी परमिट की आवश्यकता नहीं होगी।
कर्ज पर राहत: बाढ़ प्रभावितों को 6 महीने की किस्त और ब्याज में छूट मिलेगी।
पशुपालकों को मुआवजा और टीकाकरण अभियान: नुकसान की भरपाई की जाएगी और विशेष टीकाकरण अभियान शुरू होगा।
घरों की मरम्मत व सर्वे: बर्बाद या बह गए घरों का सर्वे करवा कर सहायता दी जाएगी।
स्वास्थ्य और सफाई: 1700 गांवों और 300 शहरी क्षेत्रों में फॉगिंग, क्लिनिक और डॉक्टरों की टीमें भेजी जाएंगी।
स्कूल-कॉलेज और बिजली ढांचे की मरम्मत: नुकसान की भरपाई युद्ध स्तर पर की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भले वे अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन पंजाब और पंजाबियों की चिंता हर वक्त उन्हें है।





