pb8 live news : जालंधर नगर निगम एक बार फिर अवैध निर्माणों के मुद्दे को लेकर चर्चा में है। सैंट्रल और कैंट विधानसभा क्षेत्रों में अवैध बिल्डिंगों के जरिए वसूली का खेल जोरों पर है, जिसमें निगम के कुछ कर्मचारी और राजनीति से जुड़े लोग शामिल बताए जा रहे हैं। यह मामला अब मेयर वनीत धीर के संज्ञान में आ गया है और जल्द ही इन क्षेत्रों में बड़ी कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।पिछले दो सालों में अफसरशाही के राज के दौरान सभी विधानसभा क्षेत्रों में सैकड़ों अवैध निर्माण हुए, जिन पर अब जाकर निगम ने सख्ती शुरू की है। वैस्ट क्षेत्र में कई अवैध इमारतों को नोटिस जारी किए गए हैं और कार्रवाई का दौर जारी है। लेकिन सैंट्रल और कैंट क्षेत्रों में निगम की चुप्पी से विवाद बढ़ता जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, इन इलाकों में अवैध निर्माणों का जाल फैला हुआ है और यह सिलसिला कई महीनों से चल रहा है। मेयर वनीत धीर के पास शिकायतों का अंबार लगने के बाद अब दबाव बढ़ गया है। मेयर ने साफ संकेत दिए हैं कि बिल्डिंग विभाग पर शिकंजा कसा जाएगा। इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग ले लिया है, जिससे आम आदमी पार्टी और सरकार की छवि को नुकसान पहुंच रहा है।





