पंजाब के जालंधर और अमृतसर में मंगलवार रात बीएसएफ हेडक्वार्टर के बाहर हुए धमाकों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। शुरुआती जांच में दोनों मामलों में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) इस्तेमाल होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि राहत की बात यह रही कि इन धमाकों में कोई घायल नहीं हुआ।
जालंधर के पीएपी चौक के पास रात करीब 8 बजे एक एक्टिवा के नजदीक जोरदार धमाका हुआ। सूत्रों के मुताबिक एक संदिग्ध युवक पैकेट रखकर मौके से फरार हुआ था, जिसके कुछ सेकेंड बाद विस्फोट हो गया। धमाके में स्कूटी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और आसपास खड़ी गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचा। वहीं अमृतसर के खासा स्थित BSF हेडक्वार्टर के गेट नंबर 5 और 6 के बाहर भी देर रात धमाका हुआ।
जांच एजेंसियां और फोरेंसिक टीमें दोनों घटनाओं की जांच में जुटी हैं। जालंधर मामले में जिस एक्टिवा में धमाका हुआ, उसका मालिक एक रिटायर्ड BSF जवान का बेटा बताया जा रहा है, जिसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। एजेंसियों को शक है कि इसके पीछे स्लीपर सेल का हाथ हो सकता है। सुरक्षा एजेंसियां इसे बड़ी आतंकी साजिश के एंगल से भी जांच रही हैं।





