जालंधर शहर के चर्चित मेरिटन होटल (Meriton Hotel) पर नगर निगम का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। नगर निगम जालंधर ने होटल प्रबंधन को फाइनल नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि यदि संतोषजनक जवाब और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए तो होटल के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार होटल का बिजली, पानी और सीवरेज कनेक्शन तक काटा जा सकता है, जिसके बाद होटल का संचालन प्रभावित हो सकता है।
नगर निगम ने होटल संचालकों को निर्देश दिया है कि तीन दिन के भीतर अपना जवाब और सभी वैध दस्तावेज प्रस्तुत करें। यदि ऐसा नहीं किया गया तो पंजाब म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट, 1976 की धारा 272(2) के तहत कार्रवाई करते हुए होटल के खिलाफ अगली कानूनी प्रक्रिया शुरू कर होटल की इमारत को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
शुरू से विवादों में रहा मेरिटन होटल
मेरिटन होटल का नाम निर्माण के समय से ही विवादों में रहा है। होटल के निर्माण को लेकर समय-समय पर यह आरोप लगते रहे हैं कि नगर निगम के भवन निर्माण नियमों और तय मानकों की पूरी तरह पालना नहीं की गई। इसके अलावा होटल के पार्टनरों के बीच विवाद, हाथापाई और अन्य विवादित घटनाएं भी कई बार चर्चा का विषय बनीं। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की अपनी-अपनी दलीलें भी रही हैं।
जिन लोगों ने फंक्शन बुक कराया है, वे रहें सतर्क
यदि आपने मेरिटन होटल में शादी, पार्टी या किसी अन्य कार्यक्रम की बुकिंग कर रखी है, तो नगर निगम की कार्रवाई को देखते हुए स्थिति पर नजर बनाए रखें। यदि होटल के खिलाफ सीलिंग या कनेक्शन काटने जैसी कार्रवाई होती है तो कार्यक्रम प्रभावित हो सकता है। ऐसे में समय रहते होटल प्रबंधन से स्थिति स्पष्ट करना और आवश्यक निर्णय लेना आपके हित में रहेगा।





