भगवान वाल्मीकि जी की महान शिक्षाओं, आध्यात्मिकता और श्रद्धा का संदेश लेकर आज दोपहर 1 बजे प्राचीन भगवान वाल्मीकि मंदिर अली मोहल्ला से भगवान वाल्मीकि तीर्थ अमृतसर के लिए विशाल तीर्थ यात्रा रवाना होगी। इस पावन अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी विशेष रूप से पहुंचकर यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके साथ ही भाजपा के पंजाब प्रधान केवल ढिल्लों सहित अन्य राजनीति, धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोग भी मुख्य रूप से यात्रा में शामिल होंगे।
तीर्थ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। यात्रा में हजारों बसों और अन्य वाहनों के काफिले के साथ संगत शामिल होगी। इस भव्य आयोजन के लिए विशाल मंच भी तैयार किया गया है, जहां संत समाज, धार्मिक हस्तियों और अन्य मुख्य अतिथियों का आगमन होगा। पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना हुआ है।
इस पावन यात्रा का मुख्य आकर्षण भगवान वाल्मीकि जी की पालकी साहिब होगी। संत समाज की रहनुमाई में श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ पालकी साहिब के पीछे-पीछे यात्रा में शामिल होंगे। भगवान वाल्मीकि जी के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय होगा।
श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा केवल एक धार्मिक सफर नहीं, बल्कि भगवान वाल्मीकि जी के चरणों में नतमस्तक होकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का विशेष अवसर है। इस यात्रा के माध्यम से भगवान वाल्मीकि जी की शिक्षाओं, समानता, भाईचारे और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
भगवान वाल्मीकि उत्सव कमेटी और भगवन वाल्मीकि आश्रम ट्रस्ट की ओर से यात्रा को सफल बनाने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। चेयरमैन विपन सभरवाल और उनकी पूरी टीम इस आयोजन को भव्य और यादगार बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। यात्रा की तैयारियों से लेकर श्रद्धालुओं के स्वागत और अन्य व्यवस्थाओं तक, कमेटी की ओर से विशेष ध्यान दिया गया है।
विपन सभरवाल की अगुवाई में किए जा रहे प्रयासों का उद्देश्य अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को इस पावन यात्रा के साथ जोड़ना और भगवान वाल्मीकि जी की महान शिक्षाओं का प्रचार-प्रसार करना है। उनकी पूरी टीम धार्मिक आयोजन को सफल बनाने के लिए जुटी हुई है।
प्राचीन भगवान वाल्मीकि मंदिर से अमृतसर स्थित भगवान वाल्मीकि तीर्थ तक निकाली जाने वाली यह यात्रा हर साल श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित की जाती है। समय के साथ इस यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। बड़ी संख्या में संगत का एकजुट होकर यात्रा में शामिल होना भगवान वाल्मीकि जी के प्रति उनकी गहरी आस्था और सम्मान को दर्शाता है।
यह यात्रा समाज में एकता, भाईचारे, समानता और आपसी सद्भाव का संदेश देने का भी माध्यम है। श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ इस पावन यात्रा का हिस्सा बनते हैं और भगवान वाल्मीकि जी का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए अमृतसर स्थित तीर्थ पर पहुंचते हैं।





